चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(New controversy over electricity bills in Punjab, demand for transparency in SMS notifications.) पंजाब में बिजली बिलों को लेकर एक नया मुद्दा सामने आया है, जिसने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, Punjab State Power Corporation Limited (पावरकॉम) द्वारा भेजे जाने वाले मोबाइल संदेशों में केवल खाता नंबर और कुल बिल राशि की जानकारी दी जाती है, जबकि मीटर की पुरानी और नई रीडिंग का विवरण शामिल नहीं होता। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को यह समझने में दिक्कत होती है कि आखिर उन्होंने कितनी यूनिट बिजली खर्च की है और बिल सही है या नहीं।
इस मुद्दे को लेकर कई समाजसेवियों और स्थानीय नेताओं ने आवाज उठाई है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था पारदर्शिता की कमी को दर्शाती है, जिससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। उपभोक्ताओं का मानना है कि जब तक बिल में स्पष्ट रूप से पुरानी और नई मीटर रीडिंग नहीं दिखाई जाएगी, तब तक सही खपत का अंदाजा लगाना मुश्किल रहेगा।
युवाओं और जागरूक नागरिकों ने भी इस मामले में डिजिटल सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में जब हर जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकती है, तो बिजली बिल जैसे जरूरी दस्तावेज में पारदर्शिता होना बेहद जरूरी है। अगर SMS में ही मीटर रीडिंग का पूरा विवरण दिया जाए, तो उपभोक्ताओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रम की स्थिति भी खत्म होगी।
लोगों की मांग है कि पावरकॉम इस व्यवस्था में जल्द सुधार करे और मोबाइल संदेशों में पुरानी व नई मीटर रीडिंग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि बिलिंग सिस्टम भी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकेगा।



















