चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(No RTI Reply for 30 Months! ₹25,000 Fine Imposed on PIO, Bailable Warrant Issued) पारदर्शिता के कानून को हल्के में लेना अब महंगा पड़ सकता है! पंजाब में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां 30 महीनों तक RTI का जवाब नहीं देने पर अधिकारी को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी।
Punjab State Information Commission ने लुधियाना के एक ब्लॉक डेवलपमेंट एवं पंचायत अधिकारी (PIO) की गंभीर लापरवाही को देखते हुए ₹25,000 का जुर्माना ठोका है और उसके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी कर दिए हैं।
राज्य सूचना आयुक्त Harpreet Singh Sandhu की अगुवाई में हुई सुनवाई में सामने आया कि अधिकारी ने न सिर्फ 30 महीनों तक जानकारी नहीं दी, बल्कि बार-बार सुनवाई से भी गायब रहा। यहां तक कि शो-कॉज नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
आयोग ने इसे RTI कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए साफ कहा कि यह देरी जानबूझकर की गई और यह पारदर्शिता के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को जवाबदेह बनाना बेहद जरूरी है।
अब आदेश दिया गया है कि ₹25,000 का जुर्माना सीधे अधिकारी के वेतन से काटा जाएगा। इतना ही नहीं, 26 मई को उसे सभी दस्तावेजों के साथ पेश होने का निर्देश दिया गया है, जिसके लिए लुधियाना पुलिस के जरिए जमानती वारंट लागू होंगे।
यह मामला साफ संदेश देता है—RTI कानून की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।



















