नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(US-Iran Tensions May Trigger Global Oil Shock)पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। रक्षा और आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो यदि दोनों देशों के बीच सीधा युद्ध शुरू होता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। सबसे बड़ा झटका ऊर्जा क्षेत्र को लग सकता है, जहां तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की स्थिति में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की संभावित रणनीति मानी जा रही है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जिससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो भारत जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है।
Video देखें: BBMB इंफोर्समेंट विभाग का बड़ा ‘एक्शन’,बाजारों में हड़कम्प,नाजायज कब्जो को हटाने पहुंची टीम ने दिए दो टूक आदेश !
युद्ध का असर केवल तेल तक सीमित नहीं रहेगा। समुद्री व्यापार रुकने से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होगी, जिससे महंगाई बढ़ने और आर्थिक मंदी का खतरा गहरा सकता है। शेयर बाजारों में भारी गिरावट की आशंका के चलते निवेशकों में पहले से ही डर का माहौल बना हुआ है।
Video देखें: “जिनके अपने घर शीशे के हो वह दूसरों के घरों पर पत्थर नही मारते”, सुने एक ऐसी खबर जिसके बाद आपके भी शरीर के रेंगटे खड़े हो जाएंगे।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सख्त चेतावनी और अमेरिकी सैन्य बेड़े की तैनाती ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका की किसी भी कार्रवाई को पूर्ण युद्ध माना जाएगा। ऐसे में दुनिया की नजरें अब इस टकराव के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

















