दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(Tension over-fuel-prices) मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने एक बार फिर आम आदमी की जेब पर असर डालने की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही तनातनी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $108 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है—क्या भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम बढ़ गए हैं?
राहत की बात यह है कि फिलहाल देश में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी जारी है, लेकिन घरेलू बाजार में अभी स्थिरता बनी हुई है।
वहीं, LPG सिलेंडर के दामों पर भी लोगों की नजर टिकी हुई है। 7 मार्च को ₹60 की बढ़ोतरी के बाद फिलहाल सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के ऊपर टिकती हैं, तो तेल कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो अगर मिडिल ईस्ट का तनाव लंबा चलता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 से $180 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में हलचल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर पड़ता है।
फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ सकते हैं—इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।



















