चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(PSTET-2 Made Mandatory for Teacher Promotions in Punjab)शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े नियमों में बड़ा और अहम बदलाव करते हुए एक नया आदेश जारी किया है, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी), पंजाब, एस.ए.एस. नगर द्वारा जारी इस पत्र के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के अनुपालन में लिया गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
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नए आदेशों के साथ ही शिक्षा विभाग ने अपने पुराने पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिसके तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET परीक्षा से छूट दी गई थी। विभाग ने साफ किया है कि अब किसी भी स्तर पर इस परीक्षा से छूट नहीं दी जाएगी। जो शिक्षक वर्तमान में मास्टर कैडर में पदोन्नति के बाद सेवाएं दे रहे हैं और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी पांच वर्ष से अधिक का समय बाकी है, उन्हें आगामी दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना अनिवार्य होगा।
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यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित शिक्षक यह परीक्षा पास करने में असफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से राज्य के हजारों शिक्षकों पर सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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हालांकि शिक्षा विभाग ने एक विशेष राहत की भी घोषणा की है। चूंकि वर्ष 2025 में PSTET-2 की परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी, इसलिए 12 नवंबर 2025, 24 दिसंबर 2025, 4 जनवरी 2026 और 5 जनवरी 2026 के आदेशों के तहत पदोन्नत होकर अब सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इस परीक्षा से पूरी तरह छूट दी गई है। इस फैसले को शिक्षा सुधार की दिशा में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है।

















