चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Prepaid Power Rule Implemented in Punjab)पंजाब में बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसका सीधा असर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा। पंजाब सरकार के पी.एस.पी.सी.एल. (पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) विभाग ने नए आदेश जारी करते हुए सभी सरकारी विभागों में प्रीपेड बिजली मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है। इन आदेशों के तहत अब “पहले रिचार्ज, फिर बिजली” का नियम लागू होगा।
➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, पीएसपीसीएल द्वारा जारी यह आदेश 45 केवीए तक के सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों पर प्रभावी होंगे। नए नियमों में साफ तौर पर कहा गया है कि बिजली की आपूर्ति तभी मिलेगी, जब प्रीपेड मीटर में पर्याप्त बैलेंस मौजूद होगा। जैसे ही मीटर का रिचार्ज खत्म होगा, वैसे ही बिजली सप्लाई स्वतः बंद कर दी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग को दोबारा बिजली चालू करवाने के लिए मीटर को फिर से रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा।
Video देखें: ड*कै*ती और 1 किलो हेरोइन से जुड़े मामले में रोपड़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल
सरकार का मानना है कि इस फैसले से बिजली बिलों की बकाया राशि पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और बिजली के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगेगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इसे ऊर्जा बचत और वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल के स्कूलों में डिजिटल अनुशासन: 1 मार्च से मोबाइल पर पूरी तरह रोक !
हालांकि, इस फैसले के बीच पंजाब में स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध भी तेज होता नजर आ रहा है। कई किसान संगठनों और सामाजिक संगठनों ने स्मार्ट मीटर लगाने का खुलकर विरोध किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए, तो वे इन्हें काटकर बिजली दफ्तरों में जमा करवा देंगे।
यह भी पढ़ें: होला मोहल्ला से पहले प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विशेष तैयारी
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह नया आदेश जहां एक ओर बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन लाने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ता विरोध आने वाले समय में सरकार के लिए चुनौती बन सकता है।

















