चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Supreme Court Grants Bail to Bikram Majithia)पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और चर्चित खबर में सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। अदालत के इस फैसले को मजीठिया के लिए बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है। जमानत मिलने के तुरंत बाद डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का नाभा जेल पहुंचकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात करना भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
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बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने इस दौरान ड्रग्स और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में मजीठिया को ‘क्लीन चिट’ देते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया।
गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 25 जून को अमृतसर स्थित मजीठिया के आवास से उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद से यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील बन गया था। विपक्षी दल इसे सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहे थे, जबकि सरकार का कहना था कि जांच कानून के दायरे में की जा रही है।
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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देना उचित है। अदालत ने इस बात पर खास जोर दिया कि बिक्रम मजीठिया को वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के पुराने मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है और उस जमानत के खिलाफ दायर राज्य सरकार की एसएलपी को भी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। इसके अलावा मजीठिया पिछले सात महीनों से न्यायिक हिरासत में थे और पुलिस अपनी जांच पूरी कर धारा 173(2) के तहत रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है।
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अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि डिसप्रोपोर्शनट एसेट्स का मामला 2007 से 2017 की अवधि से जुड़ा है, जबकि एफआईआर वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई। इन सभी पहलुओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर की, जिससे पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी और हलचल तेज हो गई है।

















