मोहाली। राजवीर दीक्षित
(SGPC Chief Cracks Down on Amb Sahib Land Scam)मोहाली के फेज़-8 स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब से जुड़ी 44 मरले की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को कौड़ियों के भाव बेचने के गंभीर मामले में श्रोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा रुख अपनाया।
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धामी ने स्पष्ट कहा कि यह मामला गुरु घर की अमानत के साथ धोखा है और मैं किसी भी हालात में कोई समझौता नहीं करूंगा। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल मैनेजर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई। मैनेजर ने अपने बयान में स्वीकार किया कि धोखे से जमीन के नकली दस्तावेज तैयार करवाए गए और उनके आधार पर जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई।
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धामी ने कहा कि किसी भी मैनेजर को अकेले SGPC की जमीन बेचने या रजिस्ट्री करवाने का अधिकार नहीं है। SGPC की हर जमीन पहले ओपन बोली और फिर एग्ज़िक्यूटिव कमिटी की मंजूरी के बाद ही बेची जाती है। इस मामले में पूरी प्रक्रिया को तोड़ा गया, जो स्पष्ट रूप से साजिश की ओर इशारा करता है।
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उन्होंने बताया कि सैणीमाजरा गांव में हुई रजिस्ट्री को रद्द करवाने के लिए तहसीलदार के पास इतराज दर्ज करवा दिया गया है और SDM स्तर पर अंतकाल रोकने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जमीन खरीदने वालों की भूमिका की भी पूरी जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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इस मामले की गहन जांच के लिए SGPC ने 5 सदस्यों की सब-कमेटी बनाई है, जो सभी तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। धामी ने SGPC के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गुरु घर की संपत्ति के साथ धोखा करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मालूम हो कि इस 44 मरले की जमीन को केवल 1 करोड़ 32 लाख रुपये में बेचा गया, जबकि इसकी असली कीमत 15-20 करोड़ रुपये है। स्थानीय निवासी और SGPC सदस्य परमजीत कौर लांद्रा ने इस मामले की जांच की मांग की थी।

















