नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(4G-5G Plans to Become 20% Costlier, Telecom Users to Feel the Pinch)मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां अगले साल अपने 4G और 5G प्लान की दरों (टैरिफ) में भारी वृद्धि कर सकती हैं। विश्व की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने इस बढ़ोतरी की भविष्यवाणी की है। फर्म का अनुमान है कि टेलीकॉम कंपनियां अप्रैल से जून 2026 के बीच 4G और 5G प्लान की कीमतों में 16 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि करेंगी।
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8 साल में चौथी बड़ी कीमत वृद्धि
अगर टेलीकॉम कंपनियां अगले साल टैरिफ बढ़ाती हैं, तो यह पिछले आठ सालों में चौथी बार बड़ी वृद्धि होगी। इससे पहले, टेलीकॉम उद्योग ने 2019 में 30%, 2021 में 20% और 2024 में 15% की बढ़ोतरी की थी।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों ने 15 दिसंबर की एक रिपोर्ट में कहा कि प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के 4G/5G प्लान की कीमतों में 16-20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनियां पहले से ही ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमतों के लिए तैयार कर रही हैं। इसके संकेत स्वरूप, वे सस्ते प्लान बंद कर रही हैं और स्ट्रीमिंग सेवाओं को केवल प्रीमियम प्लान से जोड़ रही हैं।
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एयरटेल और जियो को लाभ की उम्मीद
इस वृद्धि का सबसे ज्यादा फायदा एयरटेल और जियो को होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल उद्योग में अपनी वित्तीय हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है, जो 2024 की शुरुआत के 36% से बढ़कर 2028 तक 40% से अधिक हो जाएगी। दूसरी ओर, वोडाफोन आइडिया (VI) की हिस्सेदारी 24% से घटकर 18% रह सकती है।
एयरटेल के प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व (ARPU) में बड़ा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जो वित्तीय वर्ष 2026 में ₹260 से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 में ₹320 तक पहुँचने की उम्मीद है।
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विश्लेषकों का कहना
विश्लेषकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी टेलीकॉम कंपनियों के लिए अनुकूल समय में हो रही है, क्योंकि 5G नेटवर्क लगभग पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जिससे पूंजीगत खर्च (CapEx) अब राजस्व का 20% से कम रह गया है।
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