भारत की बड़ी डिजिटल छलांग! UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन !

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(India’s Digital Leap: UPI Transactions Cross ₹230 Lakh Crore)भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए लेन-देन ने अब नए कीर्तिमान रच दिए हैं। सरकार द्वारा राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025–26 में दिसंबर तक UPI के माध्यम से कुल 230 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लेन-देन दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा भारत की तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और कैशलेस लेन-देन की ओर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में UPI लेन-देन की रफ्तार में जबरदस्त उछाल आया है। जहां वित्त वर्ष 2022–23 में UPI के जरिए कुल लेन-देन 139 लाख करोड़ रुपये का था, वहीं महज कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 230 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, आसान भुगतान प्रक्रिया और सुरक्षा ने UPI को आम लोगों की पहली पसंद बना दिया है।

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UPI की सफलता अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही है। भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली ने वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना ली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, वर्तमान में भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत 8 देशों में UPI के माध्यम से लेन-देन किया जा रहा है। यह भारत की तकनीकी ताकत और डिजिटल नेतृत्व को दुनिया के सामने दर्शाता है।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी UPI को बड़ी मान्यता मिली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की जून 2025 की रिपोर्ट में UPI को लेन-देन के अनुपात के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा रिटेल फास्ट-पेमेंट सिस्टम बताया गया है। वहीं ACI वर्ल्डवाइड की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले कुल रियल-टाइम रिटेल भुगतानों में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत है।

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भविष्य को देखते हुए सरकार, RBI और NPCI मिलकर UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर लगातार काम कर रहे हैं। आने वाले समय में और देशों के भुगतान सिस्टम्स को UPI से जोड़ने की योजना है, जिससे व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान और भी सरल, तेज़ और सुरक्षित बन सकें।

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