नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Year Ender 2025: A Year of Tragedies That Shook India)साल 2025 भारत के इतिहास में एक ऐसे वर्ष के रूप में दर्ज हो गया, जिसने उपलब्धियों के साथ-साथ गहरे जख्म भी दिए। यह साल जहां एक ओर विकास, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति का गवाह बना, वहीं दूसरी ओर कई ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे देश को शोक में डुबो दिया। ईयर एंडर 2025 उन हादसों और त्रासदियों की याद दिलाता है, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए।
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12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसा देश के सबसे भयावह हादसों में शामिल रहा। उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद हुए इस क्रैश में सैकड़ों परिवार उजड़ गए। वहीं, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत पहलगाम घाटी में हुआ आतंकी हमला इंसानियत पर एक क्रूर प्रहार साबित हुआ, जहां निर्दोष पर्यटकों को उनकी जान से हाथ धोना पड़ा।
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प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ ने यह दिखाया कि भारी भीड़ के प्रबंधन में जरा-सी चूक कितनी जानलेवा हो सकती है। इसी तरह, बेंगलुरु में आरसीबी की आईपीएल जीत का जश्न कुछ ही पलों में मातम में बदल गया, जब स्टेडियम के बाहर भगदड़ से कई लोग मारे गए। साल के अंत में गोवा नाइट क्लब अग्निकांड ने मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।
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इन सबके बीच पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया गया “ऑपरेशन सिंदूर” भारत की सख्त सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख का प्रतीक बना। कुल मिलाकर, साल 2025 ने देश को यह सिखाया कि प्रगति के साथ-साथ सुरक्षा, संवेदनशीलता और जिम्मेदार शासन पर निरंतर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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