चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“These 4 Zodiac Signs Need to Be Extra Careful! A Dangerous ‘Kaal Sarp’ Yoga Forms from June 9”) ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प योग को सबसे प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण योगों में से एक माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार 9 जून से 23 जून के बीच एक विशेष ग्रह स्थिति बनने जा रही है, जब चंद्रमा राहु-केतु के घेरे में प्रवेश करेगा। इस दौरान पूर्ण कालसर्प योग की स्थिति बनेगी, जिसका असर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, करियर में रुकावटें और पारिवारिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
सबसे अधिक सावधानी बरतने की सलाह वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को दी गई है। वृषभ राशि वालों को माता की सेहत और संपत्ति से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। भूमि, वाहन या पारिवारिक विवाद तनाव का कारण बन सकते हैं। सिंह राशि के लोगों को जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है। नए समझौते और बड़े फैसले लेने से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा।
वहीं वृश्चिक राशि के जातकों को कार्यस्थल पर विरोध, ऑफिस पॉलिटिक्स और करियर संबंधी उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। जल्दबाजी में नौकरी बदलने का निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरी ओर कुंभ राशि वालों के लिए यह समय स्वास्थ्य और वित्तीय मामलों में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और मानसिक तनाव भी परेशान कर सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कालसर्प योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है। प्रतिदिन शिवलिंग पर जल या दूध अर्पित करें। इसके अलावा शनिवार या बुधवार को काले तिल, सात अनाजों का मिश्रण अथवा कंबल का दान करने से राहु-केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है।



















