चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(Big Blow from the US: India Will No Longer Get Cheap Russian Oil!) अमेरिका के एक बड़े फैसले ने भारत समेत कई देशों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब रूस और ईरान से सस्ता तेल खरीदना आसान नहीं रहेगा, क्योंकि अमेरिका ने इन देशों से तेल खरीदने पर दी गई छूट को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अमेरिकी खजाना सचिव Scott Bessent ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि रूस और ईरान से जुड़े तेल प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी छूट अब खत्म की जा रही है। उनके अनुसार, पहले जो तेल समुद्र में था, वह अब खपत हो चुका है और अब नई ढील नहीं दी जाएगी।
भारत इस छूट का बड़ा लाभार्थी रहा है। पिछले कुछ महीनों में भारत ने भारी मात्रा में रूसी तेल खरीदा, जिससे देश को सस्ती ऊर्जा मिलती रही और महंगाई पर भी कुछ हद तक काबू रखा जा सका। लेकिन अब इस फैसले के बाद भारत को महंगे विकल्पों की ओर जाना पड़ सकता है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर पड़ना तय है।
यह छूट पहले इसलिए दी गई थी ताकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई की कमी के बीच वैश्विक बाजार को स्थिर रखा जा सके। खासकर Strait of Hormuz में संभावित संकट को देखते हुए यह कदम उठाया गया था।
अब जब ये छूट खत्म हो रही है, तो यह साफ संकेत है कि अमेरिका रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है। इसका असर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि उन सभी देशों पर पड़ेगा जो सस्ते तेल पर निर्भर थे।
आने वाले समय में इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर भी पड़ सकता है।



















