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लॉकर से गायब गहनों के मामले में पीएनबी को झटका, अदालत ने महिला को 1 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया

चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित

(“In the case of missing jewellery from a locker, PNB faces a setback as the court orders the bank to pay ₹1 crore to the woman “) चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक अहम फैसले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को बड़ा झटका देते हुए एक महिला को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला बैंक लॉकर से गहनों के गायब होने से जुड़ा है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने इसके साथ ही मानसिक उत्पीड़न और मुकदमेबाजी के खर्च के लिए 1 लाख रुपये अतिरिक्त देने का भी निर्देश दिया है।

शिकायतकर्ता बेला प्रसाद, जो सेक्टर 9-बी की निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि बैंक ने बिना उनकी अनुमति के उनका लॉकर तोड़कर किसी अन्य व्यक्ति को अलॉट कर दिया। उनका कहना है कि वर्ष 2004 से उनका खाता PNB में था और उनके नाम पर दो लॉकर भी थे, जिनका किराया नियमित रूप से काटा जाता था। बाद में शाखा के मर्ज होने के बाद भी बैंक ने सेवाएं जारी रखने का भरोसा दिया था।

मां के निधन के बाद उन्होंने एक लॉकर सरेंडर कर दिया और सभी गहने दूसरे लॉकर में रख दिए। लेकिन 2020 में जब वे लॉकर संचालित करने पहुंचीं, तो बैंक ने यह कहकर मना कर दिया कि लॉकर पहले ही बंद किया जा चुका है। महिला के अनुसार, उस लॉकर में करीब 1.5 करोड़ रुपये के गहने रखे हुए थे।

बैंक ने अपने बचाव में कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार लॉकर 2013 में ही सरेंडर किया जा चुका था, लेकिन आयोग ने पाया कि बैंक जरूरी प्रक्रियाओं का पालन साबित नहीं कर सका। यह फैसला साफ संकेत देता है कि ग्राहकों की संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही बैंकों को भारी पड़ सकती है।

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