चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab schools given a strict warning — Education Department takes tough decision, read what the news is”) पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब स्कूलों के कंप्यूटर और लैब का इस्तेमाल किसी भी गैर-शैक्षणिक काम के लिए नहीं किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कई प्रशासनिक विभाग जनगणना और अन्य सरकारी सर्वेक्षणों के लिए स्कूलों के कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग कर रहे थे।
डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा (पंजाब) के कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि अब किसी भी बाहरी विभाग को स्कूलों की कंप्यूटर लैब या सिस्टम का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। कई मामलों में देखा गया था कि सरकारी दफ्तर अपने काम के लिए स्कूलों से कंप्यूटर मंगवा रहे थे या सीधे स्कूल की लैब में जाकर काम कर रहे थे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस समय स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है, ऐसे में कंप्यूटर की उपलब्धता छात्रों के लिए बेहद जरूरी है। कंप्यूटर शिक्षा आज के दौर में सबसे अहम कौशलों में से एक बन चुकी है, और इसमें किसी भी तरह की बाधा छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने दो-टूक शब्दों में निर्देश जारी किए हैं कि जनगणना या किसी भी अन्य गैर-विभागीय कार्य के लिए स्कूलों के कंप्यूटर या लैब का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह कदम छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने और उनकी पढ़ाई को बिना रुकावट जारी रखने के लिए उठाया गया है।
कुल मिलाकर, यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे छात्रों को बेहतर और निर्बाध कंप्यूटर शिक्षा मिल सकेगी।



















