चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“A major warning for teachers! The Education Department has given May 14 as the final deadline”) पंजाब में शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया 2026 को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए शिक्षकों, कंप्यूटर फैकल्टी और नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जो कर्मचारी तय समय सीमा के भीतर अपना डेटा अपडेट नहीं करेंगे, उन्हें ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। यह निर्देश 4 मई से 14 मई 2026 तक लागू रहेगा, जिसके दौरान सभी संबंधित कर्मचारियों को ई-पंजाब स्कूल पोर्टल पर लॉगइन कर अपनी जनरल डिटेल और सर्विस रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य किया गया है।
सिर्फ डेटा भरना ही नहीं, बल्कि ‘अप्रूव डेटा’ बटन दबाना भी जरूरी होगा। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो डेटा अधूरा माना जाएगा और कर्मचारी आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के डेटा में गलती है, तो वह रिमार्क्स दर्ज कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय विभाग ही करेगा। एक बार डेटा अप्रूव होने के बाद उसमें कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
स्पेशल और एग्जेम्प्ट कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। उन्हें अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, अन्यथा उन्हें इन श्रेणियों का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा स्टेशन चॉइस का विकल्प भी केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका डेटा पूरी तरह अपडेट और अप्रूव होगा।
एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) को लेकर भी सख्ती बरती गई है। जिन कर्मचारियों की 2024-25 की एसीआर लंबित है, उन्हें पहले उसे पूरा करना होगा, तभी वे आगे की प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय के बाद किसी भी प्रकार की अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया में नियमों का पालन सर्वोपरि होगा, और लापरवाही बरतने वालों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।



















