चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
लेकिन मामला तब और दिलचस्प हो गया… जब राज्यपाल ने साफ कहा —
“118 विधायकों का स्पष्ट समर्थन दिखाइए।”
दरअसल तमिलनाडु विधानसभा में इस समय त्रिशंकु स्थिति बनी हुई है।
किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।
संवैधानिक नियमों के मुताबिक राज्यपाल सबसे बड़े दल या गठबंधन को सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं… लेकिन आखिरकार बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा में फ्लोर टेस्ट जरूरी होगा।
विजय का दावा है कि वह 15 दिनों के भीतर बहुमत साबित कर देंगे।
इसके लिए कांग्रेस और अन्य दलों से लगातार बातचीत जारी है।
फिलहाल आंकड़ों की बात करें तो टीवीके के पास 108 विधायक हैं… जबकि कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलाकर यह संख्या 113 तक पहुंचती है।
लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा है — 118।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है…
क्या विजय बाकी विधायकों का समर्थन जुटा पाएंगे?
या तमिलनाडु में राजनीतिक संकट और गहरा जाएगा?
अगर कोई भी दल बहुमत साबित नहीं कर पाया… तो राज्यपाल दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
और अंतिम स्थिति में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश तक की नौबत आ सकती है।
तमिलनाडु की राजनीति में अब हर पल नया मोड़ देखने को मिल सकता है।



















