पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा जहां जिला स्तर तक होगी मानवाधिकार आयोग की पहुंच
चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Human Rights Commission offices will be opened in every district of Punjab; people will no longer have to travel to Chandigarh to file complaints.)पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (PSHRC) ने राज्य के लोगों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने प्रदेश के सभी जिलों के प्रशासनिक परिसरों में अपनी कोर कमेटी के जिला स्तरीय कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए चंडीगढ़ आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे अपने ही जिले में आयोग तक पहुंच बना सकेंगे।
यह जानकारी आयोग के सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी ने ‘द टारगेट न्यूज’ को खास जानकारी के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि आयोग ने राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को पत्र लिखकर जिला प्रशासनिक परिसरों में उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है, ताकि इन कार्यालयों की स्थापना जल्द से जल्द की जा सके।
शंटी ने कहा कि इस पहल के साथ पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां मानवाधिकार आयोग की मौजूदगी जिला स्तर तक सुनिश्चित होगी। इससे आम नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करवाने और उनका समाधान प्राप्त करने में काफी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक व्यक्ति को समानता, न्याय और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। आयोग का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
आयोग के सदस्य ने बताया कि संस्था अपनी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, मजदूरों तथा समाज के अन्य कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर शंटी ने राज्य में सक्रिय फर्जी वीजा और इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग को अब तक इमिग्रेशन धोखाधड़ी से संबंधित लगभग 450 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से कई मामलों में लोगों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि विदेश भेजने के नाम पर लोगों को ठगने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आयोग गंभीरता से काम कर रहा है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी एजेंट के झांसे में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।
मानवाधिकार आयोग की यह नई पहल न केवल शिकायत निवारण प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि मानवाधिकारों के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने और समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



















