चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab’s ‘Meri Rasoi’ Scheme: Over 40 Lakh Families Receive Free Ration Kits “) पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राज्य के 40 लाख से अधिक परिवारों को पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के लिए मुफ्त राशन किट वितरित कर दिए गए हैं। यह किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले मुफ्त गेहूं के अतिरिक्त प्रदान किए गए हैं। इस योजना पर पहली तिमाही में राज्य सरकार ने करीब 193 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
हर पात्र ब्लू कार्डधारक परिवार को प्रति तिमाही एक राशन किट दी जा रही है। इस किट में 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो आयोडीन युक्त नमक, 1 लीटर सरसों का तेल और 200 ग्राम हल्दी पाउडर शामिल है। इसके अलावा NFSA के तहत प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने 5 किलो गेहूं भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
राशन की खरीद और किट तैयार करने की जिम्मेदारी मार्कफेड ने निभाई, जबकि पूरे राज्य में वितरण का कार्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने किया। सरकार के अनुसार अब दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए राशन की खरीद शुरू हो चुकी है और अगस्त से अगली खेप का वितरण शुरू होने की संभावना है।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के रसोई खर्च को कम करना और उन्हें बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ राज्य के लगभग 1.33 करोड़ लोगों को मिल रहा है।
हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि राशन किट में आम आदमी पार्टी की उपलब्धियों से जुड़े प्रचार सामग्री रखी गई है तथा खाद्य पैकेटों पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की तस्वीरें भी छापी गई हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि योजना पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही है और अब इसकी जमीनी स्थिति जानने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण भी कर रहे।



















