चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(“Congress Rift Deepens in Punjab: Channi Camp Awaits High Command’s Decision “) पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह लगातार गहराती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi के मोरिंडा स्थित आवास पर समर्थकों के शक्ति प्रदर्शन के एक दिन बाद अब सबकी निगाहें कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, चन्नी शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जिसके बाद पार्टी में जारी राजनीतिक गतिरोध खत्म होने की अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि चन्नी खेमे और कांग्रेस हाईकमान के बीच बैक-चैनल बातचीत शुरू हो चुकी है, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद ही इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होने की संभावना है। शुक्रवार को चन्नी के आवास पर करीब 23 मौजूदा और पूर्व विधायक, चार पूर्व मंत्री तथा कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग पंजाब नेतृत्व में बदलाव चाहता है।
दरअसल, कांग्रेस हाईकमान ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए Amarinder Singh Raja Warring को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया है। लेकिन चन्नी समर्थकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मुख्यमंत्री पद का स्पष्ट चेहरा घोषित करना चाहिए, ताकि कार्यकर्ता उसी के नाम पर जनता के बीच जा सकें।
वहीं, राजा वड़िंग समर्थकों का दावा है कि अधिकांश कांग्रेस नेता हाईकमान के फैसले के साथ हैं और चन्नी की बैठक में केवल सीमित संख्या में नेता शामिल हुए थे। दूसरी ओर, चन्नी समर्थकों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे आगे और सख्त रुख अपना सकते हैं।
फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हाईकमान दोनों गुटों के बीच बढ़ती दूरी को कम कर पाता है या यह विवाद 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।



















