गुरदासपुर/बटाला। राजवीर दीक्षित
(Illegal Mining Mafia Flee as MP Arrives, Abandon Over 80 Sand-Laden Vehicles and Heavy Machinery!)गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा जब बटाला उपमंडल के घनियां-बेट क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे, तो रावी नदी में कथित रूप से अवैध खनन कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। सांसद के काफिले को देखकर उन्हें लगा कि पुलिस पहुंच गई है, जिसके डर से वे मौके पर ही करीब 80 रेत से लदे ट्रक, टिप्पर, अर्थ-मूविंग मशीनें और अन्य उपकरण छोड़कर फरार हो गए।
सांसद ने बताया कि वह अपने दिल्ली निवासी मित्र इकबाल सिंह के निमंत्रण पर उनके गांव जा रहे थे। पिछले वर्ष आई बाढ़ में इकबाल सिंह के 25 मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन और मशीनें छोड़कर इधर-उधर भाग रहे हैं।
स्थिति को गंभीर देखते हुए सांसद ने तुरंत बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मेहताब सिंह को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपी खेतों की ओर भागकर फरार हो गए।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार अवैध खनन पर रोक लगाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को मौके पर आकर हालात देखने की चुनौती दी।
सांसद ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि अवैध खनन के कारण रावी नदी अपना प्राकृतिक मार्ग बदल रही है, जिससे भविष्य में बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।
विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, नदी में मशीनों से अवैध खनन और अस्थायी रास्ते बनाए जाने से प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। इससे नदी की सक्रिय धाराएं नया रास्ता तलाशने लगती हैं, जिससे आसपास के गांवों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
रंधावा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गुरदासपुर और पठानकोट जिलों में यह समस्या सबसे अधिक गंभीर है। अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे और खाइयां नदी के तटबंधों को कमजोर कर रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और नदी की धारा बदलने की आशंका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इस पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।



















