द टारगेट न्यूज डेस्क।
(“Meta Takes Major Action After Government Crackdown, Shuts Down 1.6 Lakh Accounts “) बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और यौन शोषण संबंधी कंटेंट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Meta ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी ने बताया कि पिछले छह महीनों में भारत में लगभग 1.6 लाख इंस्टाग्राम अकाउंट हटाए गए हैं, जिन पर संदिग्ध गतिविधियों का संदेह था। Meta ने स्पष्ट किया कि बच्चों से जुड़े किसी भी प्रकार के यौन शोषण, अश्लीलता या आपत्तिजनक सामग्री के प्रति उसकी Zero-Tolerance Policy है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाती।
कंपनी के अनुसार, संदिग्ध अकाउंट और विज्ञापनों की पहचान के लिए अत्याधुनिक Artificial Intelligence (AI) के साथ-साथ मानव विशेषज्ञों की मदद ली जाती है। विज्ञापनों की समीक्षा उन्हें लाइव करने से पहले और बाद में भी की जाती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले खातों को निलंबित करने से लेकर स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने तक की कार्रवाई की जाती है।
Meta ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान दुनिया भर में 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट हटाए गए। वहीं, पिछले साल फेसबुक और इंस्टाग्राम से 3.6 करोड़ से अधिक बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाई गई। केवल अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ही करीब 1.3 करोड़ ऐसे कंटेंट हटाए गए, जिनमें से 96 प्रतिशत से अधिक मामलों की पहचान किसी शिकायत से पहले ही AI सिस्टम ने कर ली थी।
कंपनी का कहना है कि उसकी नई AI प्रणाली अब दुनिया की लगभग 98 प्रतिशत ऑनलाइन आबादी की भाषाओं को समझ सकती है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान पहले से कहीं अधिक तेज़ और प्रभावी हो गई है। भारत में ऐसे मामलों की जानकारी POCSO Act के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दी जाती है। Meta ने दावा किया कि बच्चों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह इस दिशा में लगातार तकनीकी निवेश और सख्त कार्रवाई कर रही है।



















