चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Jhaadu Kithe Hai? Congress Targets AAP Over Punjab Garbage Crisis”) पंजाब में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राज्य की सियासत अब सड़कों पर फैले कूड़े के ढेर तक पहुंच गई है। विपक्षी कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरने के लिए “झाड़ू किधरे है?” नाम से नया अभियान शुरू किया है। यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से शुरू किया गया, जहां कांग्रेस ने AAP के चुनाव चिन्ह झाड़ू को ही सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक हथियार बना दिया है।
कांग्रेस ने इस अभियान के तहत एक थीम सॉन्ग भी जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गीत में सरकार से सवाल पूछा गया है कि जिस बदलाव और सफाई का वादा किया गया था, वह आखिर कहां है? गीत की अंतिम पंक्तियां “शान पंजाब दी मिट्टी विच रुलदी ऐ” पंजाब की गिरती साख और बिगड़ती सफाई व्यवस्था की ओर इशारा करती हैं।
दरअसल, पिछले कई दिनों से पंजाब के करीब 120 शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। 30 हजार से अधिक सफाई कर्मचारी अपनी सेवाएं नियमित किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके चलते शहरों, बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि राज्य में गंदगी, मेडिकल वेस्ट और खराब कचरा प्रबंधन व्यवस्था लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। वहीं, पर्यावरणविदों का कहना है कि जिस झाड़ू को भ्रष्टाचार और गंदगी खत्म करने का प्रतीक बताया गया था, आज वही झाड़ू नजर नहीं आ रही।
कांग्रेस अब लोगों से अपील कर रही है कि वे अपने इलाके में फैले कूड़े की तस्वीरें साझा करें और सरकार के दावों की हकीकत सामने लाएं। ऐसे में साफ है कि चुनावी माहौल में अब सफाई का मुद्दा भी पंजाब की राजनीति का बड़ा हथियार बनने जा रहा है।



















