चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Govt Regularises 516 Forest Department Employees, CM Mann Hands Over Appointment Letters “) पंजाब सरकार ने वन विभाग के 516 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वयं कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और वर्षों से लंबित उनकी मांग को पूरा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग के 237 अधिकारियों और कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नतियों को भी बहाल करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर 68,268 सरकारी नौकरियां युवाओं को दे चुकी है और ठेकेदारी व्यवस्था को भी समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 मई 2023 को लागू की गई ऐतिहासिक नीति के तहत कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2024 में वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित किए गए कर्मचारियों के लिए स्पष्ट वेतन संरचना तय की गई है। हालांकि नीति में ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए आठवीं और ग्रुप-सी ड्राइवरों के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य था, लेकिन 516 कर्मचारियों को विशेष छूट देकर नियमित किया गया ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी लाभ से वंचित न रहे।
इन कर्मचारियों में कई ऐसे हैं जिन्होंने 10 से 25 वर्षों तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में सेवाएं दीं। लंबे समय तक विभाग की सेवा करने के बावजूद शिक्षा और आयु संबंधी शर्तों के कारण वे नियमितीकरण से बाहर रह गए थे। इसी को देखते हुए राज्य कैबिनेट ने विशेष राहत देने का फैसला लिया।
सरकार के अनुसार पिछले चार वर्षों में वन विभाग के 1,458 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है, जबकि पिछले पांच वर्षों में 342 नई नियमित भर्तियां भी की गई हैं। सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और रोजगार सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



















