रूपनगर । राजवीर दीक्षित
(Now It’s Payback! Himachal Begins Preparations to Levy Tax on Vehicles) रोपड़ जिला परिषद ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर हिमाचल प्रदेश से जिले में प्रवेश करने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने की मांग की है।
यह प्रस्ताव रोपड़ से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और जिला परिषद सदस्य एडवोकेट दिनेश चड्ढा ने परिषद की बैठक में रखा। पंजाब पंचायती राज अधिनियम के तहत मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव अब पंजाब सरकार को भेजा जाएगा।
द ट्रिब्यून से बातचीत में दिनेश चड्ढा ने बताया कि पंजाब पंचायती राज अधिनियम की धारा 189 के तहत जिला परिषद को टैक्स और शुल्क लगाने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से आने वाले भारी वाहनों के कारण जिले की ग्रामीण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ऐसे में प्रस्तावित एंट्री टैक्स से मिलने वाली राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में पारस्परिक (Reciprocal) टैक्स लगाने की मांग की गई है। यानी हिमाचल प्रदेश पंजाब के वाहनों से जितना टैक्स वसूलता है, उतना ही टैक्स हिमाचल के वाहनों से रोपड़ जिले में प्रवेश के समय लिया जाए।
चड्ढा ने कहा कि जिला परिषद के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और उन्हें उम्मीद है कि पंजाब सरकार इसे मंजूरी देगी।
यह मुद्दा नया नहीं है। नंगल और श्री आनंदपुर साहिब सहित पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग और ट्रांसपोर्टर लंबे समय से हिमाचल प्रदेश द्वारा लगाए जाने वाले एंट्री टैक्स का विरोध करते रहे हैं।
जून 2025 में नंगल नगर परिषद ने भी इसी तरह का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन वह अब तक पंजाब सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
पूर्व नगर पार्षद परमजीत सिंह पम्मा ने जिला परिषद के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह पंजाब के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
हिमाचल के एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब के कई संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति भी बनाई थी। हाल ही में समिति ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए टोल और एंट्री बैरियर हटाने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
अब रोपड़ जिला परिषद द्वारा इस प्रस्ताव को औपचारिक समर्थन मिलने के बाद पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच एंट्री टैक्स का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।



















