चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Lawyers’ Protest Over LADC May End Soon, High Court Hopes for Amicable Solution “) पंजाब में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) सिस्टम को लेकर चल रहा वकीलों का विरोध अब जल्द खत्म हो सकता है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि इस पूरे विवाद का समाधान बार एसोसिएशन के स्तर पर आपसी सहमति से निकल जाएगा और अदालत को इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यह टिप्पणी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने अधिवक्ता अरविंद सेठ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब में वकीलों की हड़ताल के कारण आम लोगों को न्याय मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन के कारण न्यायिक प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए और न ही लोगों को न्याय से वंचित किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, बार काउंसिल के सदस्यों और वरिष्ठ वकीलों ने भरोसा दिलाया है कि इस मुद्दे का समाधान बार के स्तर पर ही निकाल लिया जाएगा।
कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे और मामला आपसी बातचीत से सुलझ जाएगा। इसके बाद सभी पक्षों की संयुक्त मांग पर मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) द्वारा लागू किए गए LADC सिस्टम का पंजाब की कई बार एसोसिएशनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले से लागू पैनल अधिवक्ता व्यवस्था को बहाल किया जाए। इसी मांग को लेकर कई बार एसोसिएशनों ने अनिश्चितकालीन “नो वर्क” और अदालतों के बहिष्कार का ऐलान किया था, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है।



















