द टारगेट वेब डेस्क
(“Diljit Dosanjh Supports Students, Slams Police Action During ‘Sansad Chalo’ Protest “) दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। पंजाबी सुपरस्टार ने ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत था। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए सरकार से अपील की कि वह छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुने, क्योंकि “जनता की आवाज़ ही भगवान की आवाज़ होती है।”
दिलजीत ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें पता है कि इस बयान के बाद उन्हें फिर से “देश विरोधी” कहा जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि किसान आंदोलन के दौरान भी उन्होंने किसानों का समर्थन किया था, जिसके बाद उन्हें काफी आलोचनाओं और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन मुश्किलों के बारे में आज भी खुलकर बात नहीं कर सकते, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भगवान सब देख रहे हैं।
हालांकि, इससे पहले जुलाई की शुरुआत में दिलजीत ने खुद को इस आंदोलन से अलग बताते हुए कहा था कि वह एक कलाकार हैं, कोई राजनेता नहीं। उन्होंने साफ कहा था कि उन्हें राजनीति से दूर रखा जाए, लेकिन अब छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी है।
गौरतलब है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ द्वारा परीक्षा पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस आंदोलन को कई फिल्मी हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है।
दिलजीत दोसांझ के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। कुछ लोग उनकी स्पष्ट राय की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ उनके बयान का विरोध भी कर रहे हैं। ऐसे में यह मामला अब केवल छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभिव्यक्ति की आज़ादी और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर भी चर्चा का विषय बन गया है।



















