चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Sunil Jakhar On NEET Protest “) पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नीट परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान देते हुए सभी राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समाधान निकालने के लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए। जाखड़ ने कहा कि “बच्चों के कंधों पर रखकर राजनीतिक बंदूक नहीं चलाई जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार छात्रों की पीड़ा को अच्छी तरह समझते हैं। एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र के लिए एक-एक मिनट और एक-एक साल बेहद कीमती होता है। यदि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन गरीब परिवारों को उठाना पड़ता है, जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों की मेहनत की कमाई खर्च की होती है।
सुनील जाखड़ ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में हुई खामियां गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से जल्द कार्रवाई कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक पार्टियां छात्रों के गुस्से का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कर रही हैं। उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है और यदि छात्र अपने तथ्यों के साथ सामने आते हैं तो हर मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
जाखड़ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा हैं। इसलिए उनकी उम्मीदों और सपनों की रक्षा करना हर सरकार और हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी दलों से छात्रों के भविष्य को राजनीति से ऊपर रखने की अपील की।



















