चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
पंजाब सरकार के मंत्रालयिक कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार तक जारी रहने वाली है। सरकार के साथ हुई बातचीत विफल रहने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
इससे पहले मंगलवार को पंजाब के सभी सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
चंडीगढ़ और मोहाली स्थित कार्यालयों में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने पेन-डाउन स्ट्राइक की, जबकि जिलों में कर्मचारियों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर विरोध जताया।
करीब एक पखवाड़े के भीतर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों का यह दूसरा बड़ा आंदोलन है।
मंगलवार को सभी विभागों के मंत्रालयिक कर्मचारी ही प्रदर्शन में शामिल हुए।
हालांकि बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और स्कूलव स्वास्थ्य संस्थान खुले रहे।इन संस्थानों में भी केवल मंत्रालयिक कर्मचारियों ने काम नहीं किया।
चंडीगढ़ और मोहाली स्थित सचिवालय, मिनी सचिवालय और विभिन्न निदेशालयों में कर्मचारियों ने सुबह काम करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालयों के बाहर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सचिवालय में कर्मचारी ‘रोष’ बैज लगाकर प्रदर्शन करते नजर आए।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा जारी उस पत्र को तुरंत वापस लिया जाए,जिसमें 27 अगस्त को सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर किए गए विरोध को ‘अनधिकृत अवकाश’ बताया गया था।
इसके अलावा कर्मचारी नेता सुशील कुमार फौजी का सचिवालय से मोहाली स्थित कार्यालय में किया गया तबादला रद्द करने की भी मांग की गई है।
कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि 27 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को कोई शो-कॉज नोटिस जारी न किया जाए।
प्रदर्शन तेज होने के बाद यूनियन के नेताओं को मंगलवार दोपहर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव केके यादव के साथ बैठक के लिए बुलाया गया।
बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे केवल आंदोलन वापस लेने को कहा, जबकि कर्मचारियों की मांग के मुताबिक विवादित पत्र वापस लेनेपर कोई सहमति नहीं बनी।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में भूख हड़ताल
कुछ कर्मचारियों ने सरकार केखिलाफ एक दिन की भूख हड़ताल भी की।
यह प्रदर्शन मोहनजीत सिंह के समर्थन में किया गया, जिन्हें आरोप के मुताबिक संगरूरके शेल्टन गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान AAP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर पुलिसने कथित तौर पर हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया था।














