श्री आनंदपुर साहिब । राजवीर दीक्षित
(On BJP Leader Govardhan Soni’s Complaint, Major Action Over Missing Revenue Records of 14 Villages: Human Rights Commission Takes a Tough Stand, Seeks Report from Rupnagar DC) नंगल से एक बड़ी प्रशासनिक चूक का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। नंगल तहसील के 14 गांवों के मूल राजस्व अभिलेखों के कथित रूप से गायब होने के मामले में पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए संज्ञान ले लिया है। यह कार्रवाई समाजसेवी एवं भाजपा नेता गोवर्धन सोनी की शिकायत के बाद हुई, जिसे पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना के माध्यम से आयोग तक पहुंचाया गया था।
शिकायत संख्या 11256/0/2026 के तहत उठाए गए इस गंभीर मुद्दे में बताया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड गायब होने से न केवल प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है, बल्कि क्षेत्र के विकास पर भी बड़ा असर पड़ा है। खासतौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-503 (किरतपुर साहिब–नंगल) के प्रस्तावित फोरलेन प्रोजेक्ट की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अटक गई है, जबकि इस परियोजना को केंद्र सरकार और NHAI से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
इतना ही नहीं, नंगल में प्रस्तावित न्यायिक न्यायालय परिसर की स्थापना भी इस वजह से प्रभावित हुई है। नामांतरण, सीमांकन और अन्य जरूरी राजस्व कार्य लंबे समय से लटके पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रिकॉर्ड के गायब होने से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को बढ़ावा मिला है।
हालांकि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और रिकॉर्ड पुनर्निर्माण के प्रयासों का दावा किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने उपायुक्त रूपनगर को निर्देश दिए हैं कि वे अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त 2026 को होगी। अब सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित खुलासों पर टिकी हैं।



















