चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Punjab Government Gets Tough Amid Strike: No Disruption in Garbage Collection, ‘High Alert’ Issued to All Urban Local Bodies) पंजाब सरकार ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को निर्देश जारी किए हैं कि चल रही हड़ताल के बावजूद किसी भी स्थिति में शहरों से कूड़ा इकट्ठा करने, उठाने, परिवहन और निस्तारण का काम प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस संबंध में जानकारी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को भी दी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पंकज जैन ने पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के सचिव घनश्याम थोरी द्वारा दाखिल हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया। इसके साथ ही सरकार ने एक आधिकारिक पत्र भी अदालत में प्रस्तुत किया, जिसे राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों, नगर निगम आयुक्तों और शहरी निकायों के अधिकारियों को भेजा गया है।

सरकार ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था (Contingency Plan) लागू करें ताकि किसी भी हाल में नगर निगम के ठोस कचरे के संग्रह, उठान, परिवहन और निस्तारण का कार्य बाधित न हो।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी निर्धारित स्थानों से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह नियमित रूप से किया जाए और एकत्रित कचरे का निस्तारण केवल निर्धारित डंपिंग साइटों पर ही किया जाए। कूड़ा उठाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।
सरकार ने ऐसे संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, जहां आमतौर पर कूड़ा अधिक जमा होता है, ताकि गंदगी का अंबार न लगे।
हलफनामे में यह भी बताया गया कि राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट, 1911 की धारा 233 और 234 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने और सफाई सेवाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अनु चतरथ ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी ये निर्देश हड़ताल समाप्त होने तक प्रभावी रहेंगे।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।



















