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पंजाब के बड़े बांधों में 20 साल का सबसे कम जलस्तर, कमजोर मानसून से सिंचाई और पानी का संकट गहराया

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(Punjab’s Major Dams Hit 20-Year Low Water Levels, Weak Monsoon Raises Irrigation Concerns) पंजाब में लगातार कमजोर मानसून का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के तीन प्रमुख जलाशयों—भाखड़ा, पोंग और रणजीत सागर बांध—का जलस्तर 29 जुलाई 2026 तक पिछले 20 वर्षों के औसत की तुलना में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों ने आने वाले समय में सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि अगस्त में भी सामान्य से कम बारिश हुई, तो राज्य को अगले कृषि सीजन में पानी की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

विभाग के अनुसार, भाखड़ा बांध फिलहाल केवल 41% क्षमता तक भरा है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 50% और 20 वर्षों का औसत भी 50% था। पोंग बांध 40% क्षमता पर है, जो पिछले साल 50% और 20 वर्षों के औसत 41% से कम है। वहीं रणजीत सागर बांध भी 40% क्षमता पर है, जबकि इसका 20 वर्षीय औसत 43% है। तीनों बांधों का जलस्तर सामान्य से नीचे होने के कारण भविष्य की जल उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जून में पंजाब में सामान्य 54.5 मिमी के मुकाबले केवल 29.5 मिमी बारिश हुई, यानी 46% की कमी दर्ज की गई। जुलाई में 29 तारीख तक 150 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 113.3 मिमी बारिश हुई, जो 24% कम है। हालांकि IMD ने कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब अगस्त का महीना बेहद अहम साबित होगा। यदि बारिश का सिलसिला नहीं सुधरा, तो सरकार को जल संरक्षण पर विशेष जोर देना पड़ेगा, ताकि अगले वर्ष किसानों को सिंचाई, लोगों को पेयजल और बिजली परियोजनाओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके। कमजोर मानसून ने राज्य की कृषि और जल प्रबंधन को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।

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