द टारगेट वेब डेस्क
(‘RBI Changes Bulk Deposit Rules, Interest Rates to Depend on Deposit Amount “) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर और बड़े निवेशकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट (Bulk Deposit) पर जमा राशि के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें तय करने की अनुमति दे दी है। यानी अब यदि दो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की अवधि समान भी हो, तो जमा की गई रकम के अनुसार उन पर मिलने वाली ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है। इस बदलाव से बैंकों को बड़े निवेशकों को आकर्षित करने में अधिक लचीलापन मिलेगा।
30 जुलाई को जारी अधिसूचना में RBI ने स्पष्ट किया कि यह नया नियम रुपये में किए गए बल्क डिपॉजिट के साथ-साथ एनआरआई (Non-Resident Indian) जमा पर भी लागू होगा। हालांकि, बल्क डिपॉजिट से जुड़े अन्य प्रमुख नियम पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगे। केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया है कि किसी भी ग्राहक या शाखा के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और एक ही श्रेणी के ग्राहकों के लिए ब्याज दरें समान एवं पारदर्शी रहेंगी।
RBI के अनुसार सभी बैंकों को हर दिन सुबह 10 बजे तक बल्क डिपॉजिट पर लागू ब्याज दरों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना होगा। इसके लिए 10 मिनट का ग्रेस पीरियड भी दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को सही समय पर ब्याज दरों की जानकारी उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बड़े निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति के अनुसार बेहतर विकल्प मिल सकेंगे। वहीं, बैंक भी अपनी फंडिंग जरूरतों के अनुसार अधिक प्रभावी तरीके से जमा राशि जुटा सकेंगे। RBI का यह कदम बैंकिंग व्यवस्था को अधिक लचीला, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



















