Home Punjab पंजाब में फेंटेनाइल रैकेट का खुलासा

पंजाब में फेंटेनाइल रैकेट का खुलासा

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

(NCB Exposes Fentanyl Racket in Punjab) पंजाब में फार्मास्यूटिकल फेंटेनाइल और अन्य NDPS श्रेणी की दवाओं को कथित तौर पर वैध सप्लाई चैन से निकालकर ग्रामीण इलाकों में अनधिकृत चैनलों तक पहुंचाने वाले एक नेटवर्क का नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने खुलासा किया है। जांच की शुरुआत अमृतसर जिले के अटारी स्थित एक निजी प्रतिष्ठान से हुई और आगे बढ़ते हुए जांच एजेंसी मोगा के एक फार्मासिस्ट तक पहुंची। मामले में NCB ने एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया है, जबकि मोगा से जुड़ा एक फार्मासिस्ट फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

NCB, नॉर्थ वेस्टर्न रीजन ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मिलकर 1 जून को अटारी स्थित Chan Medicos की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई एजेंसी द्वारा विकसित खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। तलाशी के दौरान NDPS के तहत आने वाली फार्मास्यूटिकल दवाओं की 742 डोज बरामद की गईं। एजेंसी के अनुसार, इन दवाओं को कथित तौर पर वैध अनुमति के बिना स्टॉक किया गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान क्लिनिकल सेटअप से संचालित हो रहा था और आरोप है कि वहां एक फार्मासिस्ट कथित तौर पर डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था। रिकॉर्ड की जांच के दौरान अनिवार्य स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और रिकॉर्ड के उचित रखरखाव में कमी भी सामने आई।

अटारी से शुरू हुई जांच ने NCB को मोगा के एक फार्मासिस्ट तक पहुंचाया। एजेंसी को कथित तौर पर संदेह है कि यह फार्मासिस्ट फेंटेनाइल और केटामाइन समेत विभिन्न फार्मास्यूटिकल NDPS दवाओं को वैध सप्लाई चैन से निकालकर अनधिकृत ठिकानों तक पहुंचाने में शामिल था। फिलहाल वह फरार बताया जा रहा है।

10 और 11 अगस्त को मोगा में की गई फॉलो-अप तलाशी के दौरान NCB ने कुल 18,172 डोज बरामद कीं। इनमें 9,120 टैबलेट, 8,784 एम्प्यूल/वायल, 168 ट्रांसडर्मल पैच और 100 सपोसिटरी शामिल हैं। बरामद दवाएं NDPS अधिनियम के तहत आने वाले 15 अलग-अलग पदार्थों से संबंधित थीं।

बरामदगी में फेंटेनाइल, केटामाइन, ट्रामाडोल, बुप्रेनॉर्फिन और मॉर्फिन जैसी दवाएं शामिल हैं। NCB के मुताबिक, बरामद सामग्री में करीब 7.37 लीटर फेंटेनाइल भी शामिल है। एजेंसी ने कहा कि ग्रामीण पंजाब में फार्मास्यूटिकल फेंटेनाइल को कथित तौर पर अनधिकृत चैनलों में डायवर्ट किए जाने का ऐसा मामला पहले सामने नहीं आया था, जिससे यह जांच एजेंसियों के लिए उभरती चिंता का विषय बन गया है।

मोगा परिसर से दवाओं के स्टोरेज और वितरण से जुड़े अनिवार्य रिकॉर्ड भी बरामद नहीं हुए। अब NCB पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दवाएं वैध फार्मास्यूटिकल चैनलों से कैसे हासिल की गईं, उन्हें किन माध्यमों से डायवर्ट किया गया और इस कथित रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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