Home Punjab NEET-UG 2026 OMR विवाद: 520 अंक से 85 अंक का मामला

NEET-UG 2026 OMR विवाद: 520 अंक से 85 अंक का मामला

द टारगेट वेब डेस्क

(NEET-UG 2026 OMR Row: Candidate Claims 520 Marks Changed to 85) NEET-UG 2026 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक ऐसी याचिका पहुंची है, जिसमें एक अभ्यर्थी ने अपनी OMR शीट और स्कोर में कथित बदलाव का आरोप लगाया है। NEET-UG की पुनः परीक्षा देने वाली अभ्यर्थी दीक्षा देवी का दावा है कि पहले उनकी OMR शीट के आधार पर उन्होंने 720 में से 520 अंक हासिल किए थे, लेकिन बाद में उनका स्कोर घटाकर सिर्फ 85 अंक कर दिया गया।

मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ के सामने आया, जिसमें जस्टिस सुवीर सहगल और जस्टिस दीपिंदर सिंह नलवा शामिल हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि NTA की वेबसाइट पर दो अलग-अलग स्कोरकार्ड अपलोड किए गए। पहले स्कोरकार्ड में दीक्षा के 520 अंक बताए गए थे, जबकि बाद में अपलोड किए गए स्कोरकार्ड में 85 अंक दर्ज थे।

याचिका के अनुसार, NTA ने 13 जुलाई को अभ्यर्थी की OMR शीट वेबसाइट पर अपलोड की थी। आधिकारिक उत्तर कुंजी से अपने उत्तरों का मिलान करने के बाद दीक्षा ने अपना स्कोर 520 अंक आंका। लेकिन 16 जुलाई को परिणाम जारी होने पर उनका स्कोर केवल 85 अंक दिखाया गया।

इसके बाद 17 जुलाई को उन्हें NTA की ओर से एक अन्य OMR शीट मिली। दीक्षा का दावा है कि दोनों OMR शीट में उनके व्यक्तिगत विवरण समान थे, लेकिन उनमें दर्ज उत्तर अलग-अलग थे। उनके अनुसार, दूसरी OMR शीट के आधार पर उनका स्कोर महज 85 अंक बनता था।

मामले में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब शिकायत दर्ज कराने के बाद 19 जुलाई को NTA की ओर से भेजे गए ईमेल में उनका स्कोर फिर से 520 अंक बताया गया। इसके बाद दीक्षा और उनका परिवार 20 जुलाई को NTA कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत दी। याचिका के मुताबिक, उनका परिणाम दोबारा 520 अंक किया गया, लेकिन 27 जुलाई को फिर से 85 अंक कर दिया गया।

सुनवाई के दौरान NTA की ओर से पेश वकील अरुण गोसाईं ने कहा कि याचिकाकर्ता की शिकायत पर पहले ही निर्णय लिया जा चुका है और 27 जुलाई का ईमेल भी अदालत के रिकॉर्ड पर रखा गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने NTA को मूल OMR शीट और सभी स्कोरकार्ड सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। अदालत के सामने मूल रिकॉर्ड आने के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि अलग-अलग OMR शीट और स्कोरकार्ड में अंतर कैसे आया। NEET-UG 2026 पहले ही पेपर लीक विवाद और प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को हुई पुनः परीक्षा को लेकर सुर्खियों में रहा है। ऐसे में यह नया मामला परीक्षा प्रक्रिया, OMR रिकॉर्ड और परिणामों की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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