चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Dasmesh Academy Principal Booked Over Fake PhD Allegation) श्री दसमेश अकादमी, आनंदपुर साहिब की प्रिंसिपल सोनू वालिया के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी PhD डिग्री जमा करने और अपनी शैक्षणिक योग्यता को गलत तरीके से पेश कर पद हासिल करने के आरोप में पुलिस ने FIR दर्ज की है। आनंदपुर साहिब थाने में दर्ज मामले में उन्हें IPC की धारा 419 और 420 के तहत नामजद किया गया है। FIR के अनुसार कथित अपराध 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2024 के बीच से संबंधित हैं।
मामला बिंदु शर्मा और अन्य की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में प्रिंसिपल की शैक्षणिक योग्यता और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में कथित विसंगतियों का आरोप लगाया गया था। शिकायत के अनुसार, सोनू वालिया ने अपने रिज्यूमे/CV में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से Cancer Cytogenetics में PhD का उल्लेख किया था।
हालांकि, दस्तावेजों की जांच के दौरान डिग्री की प्रामाणिकता पर सवाल उठे। कुछ रिकॉर्ड में PhD को पूर्ण योग्यता बताया गया, जबकि अन्य दस्तावेजों में इसे “PhD – Pursuing” दर्शाया गया था।
शिकायत के बाद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मामले की जांच के आदेश दिए। रोपड़ के डिप्टी कमिश्नर आदित्य दचलवाल ने SP रोपड़ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, SDM आनंदपुर साहिब और DSP आनंदपुर साहिब शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट SSP रोपड़ मनिंदर सिंह को सौंपी, जिसके बाद FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए।
FIR में यह भी उल्लेख है कि जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), रोपड़ ने स्कूल प्रबंधन से प्रिंसिपल की शैक्षणिक योग्यता और संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि मांगी थी। आरोप है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जरूरी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके बाद अंतिम शो-कॉज नोटिस जारी किया गया।
मामले में संस्थान के प्रशासन और प्रबंधन से जुड़ी अन्य कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कथित फर्जी PhD डिग्री और संबंधित रिकॉर्ड की जांच के साथ विशेष ऑडिट के निर्देश भी दिए थे।
शिकायतकर्ता ने मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्रों, नियुक्ति एवं सेवा रिकॉर्ड, योग्यता से संबंधित पत्राचार, संस्थागत दस्तावेजों और डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने तथा जब्त करने की मांग की है, ताकि जांच के दौरान किसी साक्ष्य के नष्ट, बदले या छेड़छाड़ किए जाने की संभावना न रहे।
पुलिस के अनुसार, प्रिंसिपल सोनू वालिया को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा और मामले की आगे जांच जारी रहेगी। वहीं, उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने के प्रयास सफल नहीं हुए क्योंकि उनका फोन बंद था।



















