Home Farmers किसान यूनियन उगराहां का 20 अगस्त को पंजाब में प्रदर्शन का ऐलान

किसान यूनियन उगराहां का 20 अगस्त को पंजाब में प्रदर्शन का ऐलान

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और भूमि पूलिंग नीति का विरोध

अमृतसर। राजवीर दीक्षित

(Farmers Union Ugrahan announces demonstration in Punjab on 20th August) भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने 20 अगस्त को बठिंडा, संगरूर और अमृतसर में धरने-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। किसान संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वार्ता और पंजाब में दोबारा लाई जा रही भूमि पूलिंग नीति के विरोध में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शनों को सफल बनाने के लिए गांवों और अलग-अलग इलाकों में किसानों की बैठकें लगातार जारी हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध

मानसा में संगठन के जिला प्रधान राम सिंह भैणी बाघा ने कहा कि किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह किसान आंदोलन के दौरान तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाया गया था, उसी तरह इस समझौते के खिलाफ भी संघर्ष किया जाएगा।

किसान संगठनों का आरोप है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों पर असर डाल सकता है। इसी को लेकर 20 अगस्त को पंजाब के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

भूमि पूलिंग नीति को लेकर भी रोष

किसानों की प्रमुख मांगों में भूमि पूलिंग नीति को रद्द करना भी शामिल है। संगठन का कहना है कि दशकों से खेती कर रहे आबादकारों, पूर्व मुजारों, किसानों और खेत मजदूरों को जमीनों का मालिकाना हक दिया जाए तथा उन्हें उनकी जमीनों से उजाड़ना तुरंत बंद किया जाए।

इसके अलावा किसानों, खेत मजदूरों और अन्य दिहाड़ीदार श्रमिकों के कर्ज माफ करने, आत्महत्या पीड़ित परिवारों को नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।

किसानों पर दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग

बीकेयू उगराहां ने किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं पर संघर्षों के दौरान दर्ज कथित झूठे मामलों को रद्द करने तथा गिरफ्तारी वारंट वापस लेने की मांग की है। संगठन ने पराली जलाने के मामलों को भी वापस लेने की मांग रखी है।

लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी की मांग

राम सिंह भैणी बाघा ने कहा कि संघर्ष कर रहे लोगों पर कथित अत्याचार बंद किया जाए और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार की गारंटी दी जाए। उन्होंने कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के जरिए लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों के दमन को रोकने की मांग भी उठाई।

अब 20 अगस्त को होने वाले इन प्रदर्शनों को लेकर किसान संगठन की तैयारियां तेज हो गई हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों को लामबंद किया जा रहा है।

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