चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(IAS officer Kanwal Preet Brar appears before the ED in a money laundering case) पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी कनवल प्रीत बराड़ मंगलवार को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश हुईं। वह धनशोधन से जुड़े मामले में जांच एजेंसी के समक्ष पहुंचीं। बराड़ सुबह करीब 10:25 बजे दस्तावेजों के साथ ईडी कार्यालय पहुंचीं। यह मामला मोहाली के सनटेक सिटी परियोजना के लिए संशोधित भूमि उपयोग की अनुमति दिए जाने से जुड़ा है। 2007 बैच की पंजाब कैडर अधिकारी बराड़ फिलहाल पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सचिव के पद पर तैनात हैं।
2024 में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में थीं तैनात
जांच एजेंसी की कार्रवाई बराड़ के मौजूदा पद से जुड़ी नहीं है। जिस अवधि की अनुमति प्रक्रिया की जांच हो रही है, उस दौरान वर्ष 2024 में बराड़ नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की निदेशक थीं। ईडी द्वारा उनसे सनटेक सिटी परियोजना के लिए भूमि उपयोग बदलने की अनुमति की प्रक्रिया, दस्तावेजों और मंजूरी से जुड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है। आरोप है कि इन अनुमतियों के लिए कथित तौर पर फर्जी सहमति दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, बराड़ से पूछताछ के बाद वर्ष 2024 में आवास विभाग में तैनात रहे कुछ अन्य अधिकारियों को भी जांच एजेंसी की ओर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
2020 की शिकायत से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत मोहाली के पालहेड़ी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की वर्ष 2020 में दर्ज पुलिस शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रवर्तकों ने उनकी जमीन समेत 14 अन्य किसानों की जमीन के लिए कथित तौर पर फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। मामले की जांच तत्कालीन मोहाली पुलिस अधीक्षक हरमंदीप हंस ने की थी। जांच के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में इसी मामले को आधार बनाकर ईडी ने धनशोधन की जांच शुरू की।
मोहाली-चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापे
जांच आगे बढ़ने के बाद ईडी ने मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई अधिकारियों के साथ सनटेक सिटी के प्रवर्तक अजय सहगल से भी पूछताछ की गई। कारोबारी नितिन गोयल के आवास पर भी जांच एजेंसी ने कार्रवाई की थी। रिपोर्टों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कथित तौर पर नौवीं मंजिल से 21 लाख रुपये की नकदी नीचे फेंके जाने की बात सामने आई थी। पूछताछ के बाद ईडी ने अजय सहगल को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों और भूमि उपयोग अनुमति की फाइलें जांच के दायरे में
जांच का दायरा बढ़ाते हुए ईडी ने ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण और आवास विभाग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को भी जांच में शामिल किया है। ईडी अब तक कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। साथ ही सनटेक सिटी सहित अन्य परियोजनाओं को जारी की गई भूमि उपयोग बदलने की अनुमतियों से जुड़ी पूरी रिकॉर्ड फाइलें भी मांगी गई हैं। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और अधिकारियों से पूछताछ होने की संभावना जताई जा रही है।



















