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CJP ने फिर दे डाली केंद्र सरकार को चेतावनी, इस दिन करेंगे दिल्ली कुछ

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(CJP issues another warning to the Central Government; to march to Delhi on this day) कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर एक बार फिर दिल्ली में विरोध मार्च का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला जाएगा। इसमें NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन भी शामिल होंगे।

पार्टी ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को केंद्र सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों के बावजूद छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस नहीं ली गई हैं। CJP का कहना है कि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए तो आंदोलन को दोबारा तेज किया जाएगा।

25 जुलाई के आश्वासन का हवाला

CJP ने सोमवार को हुई वर्चुअल वर्किंग कमेटी की बैठक में दिल्ली मार्च का फैसला लिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि 25 जुलाई को सरकार के आश्वासन के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त किया गया था। उस समय छात्रों पर दर्ज मामलों को खत्म करने समेत कई मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।

पार्टी ने कहा कि अब तक वादों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके शांतिपूर्ण रुख को कमजोरी न समझा जाए।

20 जून से चल रहा था आंदोलन

CJP ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद 20 जुलाई को पार्टी ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च भी निकाला था। 25 जुलाई को सरकार से बातचीत और आश्वासन के बाद आंदोलन वापस लिया गया था।

FIR वापस लेने की मांग

CJP नेताओं सौरव दास और रत्ना सिंह ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने से पहले सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों को लागू किया जाना चाहिए। पार्टी ने छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग दोहराई है।

वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजकर सरकारी स्कूलों की स्थिति और उन्हें बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट में FIR का मुद्दा

पार्टी के अनुसार, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की जानकारी मांगी थी। CJP का दावा है कि इन मामलों को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी मुद्दा उठ सकता है।

पार्टी का आरोप है कि केंद्र ने FIR की पूरी सूची उपलब्ध कराने को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। CJP ने इसे 25 जुलाई को आंदोलन खत्म करने से पहले किए गए आश्वासनों से पीछे हटने के तौर पर बताया है।

अब 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च से एक बार फिर छात्रों के मुद्दे पर आंदोलन तेज होने के संकेत हैं।

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