Home Chandigarh चंडीगढ़ में SIR पर बवाल, 50% वोटर हुए गायब!

चंडीगढ़ में SIR पर बवाल, 50% वोटर हुए गायब!

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(Uproar in Chandigarh over SIR; Tiwari demands an account) चंडीगढ़ में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने दावा किया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान शहर में वोटरों की संख्या में 50 प्रतिशत से ज्यादा की कमी सामने आई है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) प्रेमा पुरी को पत्र लिखा है।

तिवारी ने अपने पत्र में वोटर लिस्ट से हटाए गए प्रत्येक नाम का वोटरवार पूरा ब्योरा मांगा है। इसमें मतदाता का नाम, वार्ड नंबर, बूथ नंबर और नाम हटाने की वजह शामिल है।

2024 में 6.59 लाख थे वोटर

तिवारी के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव के समय चंडीगढ़ में कुल 6,59,805 मतदाता थे। वहीं, 14 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में हुई SIR-2026 की बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 3,02,000 मतदाताओं को बिना जांच के SIR रोल में बरकरार रखा गया है।

सांसद ने बताया कि इस प्रक्रिया में 1,38,070 मतदाताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है।

तिवारी ने मांगी हटाए गए नामों की पूरी जानकारी

सांसद ने CEO से SIR से पहले और मौजूदा प्रक्रिया के दौरान हटाए गए सभी मतदाताओं की अलग-अलग जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाम के साथ वार्ड, बूथ और नाम हटाने का स्पष्ट कारण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

इसके अलावा नोटिस पाने वाले मतदाताओं की भी अलग सूची मांगी गई है। इसमें नोटिस जारी होने की तारीख, कारण, जवाब मिला या नहीं और उसके बाद की गई कार्रवाई का विवरण शामिल करने की मांग की गई है।

2 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में 4.50 लाख वोटर

तिवारी ने इससे पहले 5 अगस्त को भी बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने चुनाव आयोग के 2 अगस्त के वार्डवार आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि ड्राफ्ट रोल में 4,50,282 मतदाता दर्ज थे।

2024 के लोकसभा चुनाव के 6,59,805 मतदाताओं की तुलना में यह 2,09,523 की कमी थी। यानी करीब 31.76 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कम हुए थे। 35 वार्डों में औसत कमी करीब 33.72 प्रतिशत बताई गई थी।

वार्ड 6 में सबसे ज्यादा नाम हटे

वार्डवार आंकड़ों के मुताबिक, वार्ड 6 में सबसे ज्यादा 52.76 प्रतिशत नाम हटाए गए। इसके बाद वार्ड 24 में 46.08 प्रतिशत, वार्ड 30 में 45.48 प्रतिशत, वार्ड 12 में 42.93 प्रतिशत, वार्ड 18 में 42.89 प्रतिशत और वार्ड 33 में 42.78 प्रतिशत नाम हटाए गए।

वहीं, 66,145 मतदाताओं को ASDD श्रेणी यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट के तौर पर दर्ज किया गया था।

14 अगस्त के आंकड़े अलग कैटेगरी के

तिवारी द्वारा 14 अगस्त की बैठक के आधार पर बताए गए 3,02,000 वोटर 2 अगस्त के कुल ड्राफ्ट रोल के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ‘बिना जांच के रखे गए वोटर’ की अलग श्रेणी से जुड़े हैं।

3,02,000 वोटरों और नोटिस पाने वाले 1,38,070 मतदाताओं को जोड़ने पर संख्या 4,40,070 होती है। यह 2 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में दर्ज 4,50,282 से भी कम है। इससे संकेत मिलता है कि कुछ मतदाताओं की जांच प्रक्रिया अभी जारी हो सकती है।

अंतिम सूची से पहले दावे-आपत्तियों का मौका

SIR प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा आवश्यक होने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

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