लुधियाना। राजवीर दीक्षित
(Head teacher collapses in classroom, dies) शहर के हैबोवाल खुर्द स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को उस समय मातम छा गया, जब 49 वर्षीय हेड टीचर हरजीत ग्रेवाल की क्लासरूम में अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह रोजाना की तरह स्कूल में बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्था का जायजा लेने के लिए क्लासों का राउंड कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:40 बजे हरजीत ग्रेवाल प्री-प्राइमरी कक्षा में पहुंचे। वह बच्चों और अध्यापिका से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक सीने में दर्द की शिकायत की। एक शिक्षिका ने उन्हें पानी का गिलास दिया। बताया गया कि गिलास हाथ में लेते ही वह अचानक मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े।
साथी शिक्षकों ने CPR देकर बचाने की कोशिश की
हेड टीचर के गिरते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। साथी शिक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें संभालने के साथ CPR देने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें पास के मोहल्ला क्लिनिक ले जाया गया। इसी बीच एंबुलेंस भी बुलाई गई और उन्हें इलाज के लिए DMC अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिक्षकों के मुताबिक, उनकी हालत स्कूल में ही बेहद गंभीर हो चुकी थी, लेकिन साथी उन्हें बचाने की उम्मीद में अस्पताल लेकर पहुंचे।
सुबह प्रार्थना में शामिल हुए, दो क्लासें भी लीं
स्कूल शिक्षक हरजिंदर सिंह के अनुसार, हरजीत ग्रेवाल मंगलवार सुबह सामान्य दिनों की तरह स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और इसके बाद दो कक्षाओं में पढ़ाई भी कराई। बाद में उन्होंने अपना दफ्तरी काम निपटाया और स्कूल की कक्षाओं का निरीक्षण करने निकल गए।
बताया गया कि वह नियमित रूप से क्लासों में जाकर बच्चों से बातचीत करते और पढ़ाई से संबंधित जानकारी लेते थे।
ड्रग सेंसस ड्यूटी के दौरान हुआ था हमला
साथी शिक्षकों के मुताबिक, करीब डेढ़ से दो महीने पहले ड्रग सेंसस की ड्यूटी के दौरान भी हरजीत ग्रेवाल पर कथित तौर पर हमला हुआ था। वह ललतों कलां गांव में सर्वे का काम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ नशा करने वाले लोगों ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला किया था।
हमले में उनकी छाती पर गंभीर चोट लगी थी। इसके बावजूद वह स्कूल के साथ-साथ SIR और ड्रग सेंसस से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां भी निभा रहे थे।
परिवार में पत्नी और दो बच्चे
हरजीत ग्रेवाल अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। बड़ा बेटा खेती-बाड़ी संभालता है, जबकि बेटी कनाडा में पढ़ाई कर रही है। उनके दो बड़े भाई भी हैं।
हेड टीचर के अचानक निधन की खबर मिलते ही परिवार के लोग DMC अस्पताल पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव ललतों में किया जाएगा।



















