thetargetnews.in ब्यूरो: दुनिया की सबसे बड़ी बेसबॉल लीग, मेजर लीग बेसबॉल (MLB) ने भारत में अपनी पैठ जमाने के लिए एक बेहद सधी हुई और लंबी रणनीति अपनाई है। क्रिकेट के दीवाने इस देश में बेसबॉल को लोकप्रिय बनाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन MLB ने रातों-रात प्रोफेशनल लीग शुरू करने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने का फैसला किया है।
जमीनी स्तर से बदलाव की कोशिश
साल 2019 से MLB ने भारत में ‘फर्स्ट पिच’ (First Pitch) प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के जरिए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के स्कूलों में बच्चों को बेसबॉल की बुनियादी बारीकियां सिखाई जा रही हैं। यह पहल केवल खेल सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं के बीच बेसबॉल की एक नई संस्कृति को विकसित करना है। इसके अलावा, ‘MLB कप’ जैसे युवा टूर्नामेंटों का आयोजन करके लीग ने उभरते हुए खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान किया है।
क्रिकेट के इकोसिस्टम का लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में खेल की गहरी समझ पहले से ही मौजूद है, जिसे MLB अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। बेसबॉल और क्रिकेट के बीच कुछ तकनीकी समानताएं हैं, जैसे कि बल्ले और गेंद का उपयोग, जिसे भारतीय युवा आसानी से समझ सकते हैं।
बेसबॉल को भारत में केवल एक विदेशी खेल के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है जो युवाओं के लिए करियर के नए द्वार खोल सकता है।
रणनीति के मुख्य बिंदु
- स्कूलों में ‘फर्स्ट पिच’ प्रोग्राम के जरिए बेसबॉल की पहुंच बढ़ाना।
- MLB कप जैसे टूर्नामेंटों से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करना।
- भारत-केंद्रित डॉक्यूमेंट्रीज के जरिए खेल को स्थानीय संस्कृति से जोड़ना।
- प्रोफेशनल लीग की जल्दबाजी के बजाय दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना।
MLB की यह रणनीति स्पष्ट है—वे भारत में एक मजबूत आधार तैयार करना चाहते हैं ताकि आने वाले वर्षों में बेसबॉल यहाँ के खेल परिदृश्य का एक अभिन्न हिस्सा बन सके। क्या यह ‘लॉन्ग गेम’ क्रिकेट के दबदबे वाले भारत में सफल होगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन शुरुआती रुझान उत्साहजनक हैं।



















