करनाल। राजवीर दीक्षित
(Young man dies in Armenia; family had taken a loan to send him abroad!) हरियाणा के करनाल जिले के 21 वर्षीय युवक राजीव की अर्मेनिया में मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सोमवार को जब राजीव का शव गांव पहुंचा तो मां कमलेश और बहन उसे देखकर बेसुध हो गईं। परिजनों ने किसी तरह दोनों को संभाला। अंतिम संस्कार के बाद परिवार ने बेटे को नम आंखों से विदाई दी।
परिवार के मुताबिक, राजीव को वर्ष 2022 में करीब 5 से 6 लाख रुपये का कर्ज लेकर अर्मेनिया भेजा गया था। वह वहां कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करता था और अपनी कमाई से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर रहा था।
कमाई से परिवार ने शुरू कराया था मकान का काम
राजीव के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां कमलेश, बड़ा भाई अभिषेक और बहन हैं। परिवार दिहाड़ी मजदूरी करता है।
परिजनों को उम्मीद थी कि राजीव विदेश में मेहनत कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। उसकी कमाई से परिवार ने कुछ समय पहले मकान बनाने का काम भी शुरू किया था। भाई अभिषेक निर्माण कार्य की तस्वीरें राजीव को भेजता था।
कमरे में बेड पर मिला था बेसुध
परिजनों के अनुसार, करीब 18 दिन पहले राजीव के रूममेट ने फोन कर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि काम खत्म करने के बाद जब वह कमरे पर पहुंचा तो राजीव बेड पर लेटा हुआ था। काफी देर तक कोई हरकत नहीं हुई तो उसने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन राजीव की सांसें नहीं चल रही थीं।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद राजीव को मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। परिजनों का कहना है कि घटना वाले दिन भी राजीव ने परिवार से बातचीत की थी और वह सामान्य था।
मां बोली- अब सिर्फ बेटे का आखिरी चेहरा देखना था
राजीव की मां कमलेश ने बताया कि परिवार ने कर्ज लेकर बेटे को विदेश भेजा था। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा मेहनत कर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा। उन्होंने कहा कि राजीव रोज फोन करता था, लेकिन अचानक उससे संपर्क नहीं हो पाया और बाद में उसकी मौत की खबर मिली।
मां ने कहा कि बेटे को लेकर परिवार ने बहुत सपने देखे थे, लेकिन सब कुछ अचानक खत्म हो गया। उनकी इच्छा थी कि वह कम से कम आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें।
परिजनों ने मुख्यमंत्री से की थी मदद की अपील
राजीव की मौत की सूचना के बाद परिवार और समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मुलाकात कर शव भारत लाने में मदद मांगी थी। परिजनों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया गया था।
परिवार का कहना है कि 11वें दिन राजीव का शव गांव पहुंचा, जिसके बाद अंतिम दर्शन कर उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने शव भारत लाने में सहयोग के लिए सरकार का आभार जताया।



















