पंडोह (मंडी) । राजवीर दीक्षित
(A new chapter for the Manali four-lane project: Dayod Tunnel ready as part of the ₹2,600-crore Pandoh Bypass)कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के सबसे अहम हिस्सों में शामिल पंडोह बाईपास टकोली प्रोजेक्ट ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। प्रोजेक्ट के प्रवेश द्वार पर बनी टनलों का ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, अब आगामी चार दिनों में यहां यातायात को पूरी तरह सुचारू किया जा सकता है। सोमवार को एनएचएआई बोर्ड सदस्य विपनेश शर्मा की मौजूदगी में ट्रायल प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने टनल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
2600 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार, टनलों से खुलेगा सफर का नया रास्ता
पंडोह बाईपास टकोली प्रोजेक्ट अब धीरे-धीरे अपने अहम चरण में पहुंच रहा है। करीब 2600 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कुल 10 टनलें बनाई गई हैं। दयोड़ से हणोगी तक बनी चार टनलें प्रोजेक्ट के प्रवेश द्वार के तौर पर काम करेंगी। शुरुआत में एक साइड की दो टनलों को वाहनों के लिए खोला जाएगा। इनमें एक टनल 2.8 किलोमीटर और दूसरी 700 मीटर लंबी है। टनलों के शुरू होने से इस मार्ग पर सफर पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
छह साल का इंतजार खत्म, दयोड़ की जुड़वां सुरंगें यातायात के लिए तैयार
साल 2020 में शुरू हुआ दयोड़ सुरंग निर्माण का काम अब पूरा हो चुका है। करीब छह वर्षों की मेहनत के बाद तैयार हुई इन जुड़वां सुरंगों से पंडोह-औट मार्ग की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। मानसून में भूस्खलन के कारण बार-बार बाधित होने वाला यह मार्ग अब यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। लंबे ट्रैफिक जाम से भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है। पहले चरण में एक तरफ की दोनों सुरंगों को खोला जाएगा, जिसमें एक सुरंग में डबल लेन ट्रैफिक चलाया जाएगा।
45 मीटर ऊंचाई पर बना 140 मीटर का पुल, दो सुरंगों को मिली कनेक्टिविटी
पंडोह बाईपास टकोली प्रोजेक्ट में दयोड़ और हणोगी सुरंगों के बीच 140 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। खोतीनाला के पास बना यह पुल जमीन से करीब 45 मीटर ऊंचा है। करीब 2.8 किलोमीटर लंबी दयोड़ सुरंग और 700 मीटर लंबी हणोगी सुरंग को जोड़ने वाला यह पुल पूरे प्रोजेक्ट की अहम कड़ी माना जा रहा है। पहाड़ी इलाके में इस तरह का निर्माण अपने आप में इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि है।
हणोगी सुरंग को मिली नई मजबूती, 50 करोड़ से हुआ पुनर्निर्माण
वर्ष 2025 की विनाशकारी आपदा में हणोगी सुरंग के मुहाने का करीब 26 मीटर हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोलने में काफी समय लगा। एनएचएआई ने मरम्मत का जिम्मा भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा। कंपनी की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच दिन-रात काम करते हुए करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से क्षतिग्रस्त हिस्से और सुरक्षा ढांचे का पुनर्निर्माण पूरा किया। मरम्मत कार्य के दौरान सुरंग की मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
निरीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर निर्देश, जल्द सामान्य होगा यातायात
एनएचएआई बोर्ड सदस्य विपनेश शर्मा ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा मानकों को अगले चार दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित अवधि में काम पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू किया जा सकेगा। शर्मा ने परियोजना में जुटी विभिन्न निर्माण एजेंसियों के योगदान की सराहना करते हुए शेष कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।



















