सोनीपत। राजवीर दीक्षित
सोनीपत में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के 24 वर्षीय कर्मचारी ने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरकारी क्वार्टर में मिला। परिजनों का आरोप है कि युवक पर फाइनेंसरों की ओर से पैसे लौटाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते वह तनाव में था।
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मां का आरोप- 40 हजार रुपए देने का था दबाव
मृतक हिमांशु की मां नीतू के मुताबिक, बेटे ने बताया था कि उसे उसी दिन एक फाइनेंसर को करीब 40 हजार रुपए देने थे। उसने आशंका जताई थी कि पैसे नहीं देने पर फाइनेंसर उसे जबरन अपने साथ ले जा सकते हैं।
परिजनों के अनुसार, पैसों को लेकर हिमांशु काफी तनाव में था। उसने क्वार्टर में गैस सिलेंडर से आग लगाने की बात भी कही थी। हालांकि, युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
10 दिन बाद था जन्मदिन
हिमांशु के परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद दुखद है क्योंकि करीब 10 दिन बाद उसका जन्मदिन था। उसी दिन उसकी नौकरी को दो साल पूरे होने वाले थे।
करीब दो साल पहले बीमारी के चलते हिमांशु के पिता हरबंस की मौत हो गई थी। इसके बाद पिता की जगह हिमांशु को नौकरी मिली थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं।
मां के साथ सरकारी क्वार्टर में रहता था
हिमांशु पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में चौकीदार के पद पर कार्यरत था। वह अपनी मां के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की टंकी के पास स्थित सरकारी क्वार्टर में रहता था।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फाइनेंसरों से जुड़े आरोपों समेत आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।














