मंडी । राजवीर दीक्षित
(Traffic jams on the Mandi-Kullu highway to ease; connectivity to be transformed by two tunnels) हिमाचल की कनेक्टिविटी के लिए 11 सितंबर का दिन अहम साबित होने वाला है। किरतपुर-मनाली फोर-लेन हाईवे पर डियोड और हनोगी की दो प्रमुख टनल यातायात के लिए खोल दी जाएंगी। इन टनल के शुरू होने से पंडोह-टकोली सेक्शन में ट्रैफिक का दबाव कम होने के साथ जाम की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे मंडी से कुल्लू-मनाली और लेह-लद्दाख तक का महत्वपूर्ण सड़क संपर्क और मजबूत होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने X पर अपने आधिकारिक हैंडल के माध्यम से इस महत्वपूर्ण विकास की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह कदम हिमाचल प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और सुरक्षित, तेज और बेहतर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
डियोड-हनोगी टनल से दूर होंगी हाईवे की बड़ी यातायात बाधाएं
डियोड और हनोगी टनल हाईवे की दो प्रमुख यातायात बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। 2.8 किलोमीटर लंबी डियोड टनल (T4-01) और 650 मीटर लंबी हनोगी टनल (T4-02) के जरिए जाम प्रभावित मार्गों का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा। इससे विशेष रूप से पर्यटन के व्यस्त मौसम में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
सड़क का 2.5 किमी हिस्सा होगा कम, जाम से मिलेगी बड़ी राहत
इस विकास कार्य के बाद सड़क का प्रभावित हिस्सा करीब ढाई किलोमीटर कम हो जाएगा। अभी जहां यह दूरी लगभग 6 किलोमीटर है, वहीं काम पूरा होने के बाद यह घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा जोगनी माता मंदिर, डियोड और हनोगी के पास देखने को मिल सकता है, जहां पर्यटक सीजन में लंबा ट्रैफिक जाम आम समस्या बन जाता है। कई बार यात्रियों को एक से दो घंटे या उससे भी ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
4,465 करोड़ की लागत से बन रहा फोरलेन कॉरिडोर
दरअसल, ये सुरंगें 4,465.94 करोड़ रुपये की लागत वाले फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। इस परियोजना के तहत पंडोह बाईपास से टकोली सेक्शन के अंतिम हिस्से को विकसित किया जा रहा है। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड यानी HAM के तहत किया जा रहा है। इसका मकसद हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों के सफर को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
मंडी-कुल्लू का सफर होगा आसान, 2 घंटे की जगह 60 मिनट में पहुंचने की उम्मीद
बेहतर किए जा रहे कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मंडी से कुल्लू के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। मंत्री के मुताबिक, फिलहाल इस सफर में करीब दो घंटे लगते हैं, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने के बाद यही दूरी लगभग 60 मिनट में पूरी हो सकती है।
दो सुरंगें खोलेंगी विकास की राह, पंडोह-टकोली रूट होगा और सुरक्षित
पंडोह-टकोली हाईवे सिर्फ पर्यटन का रास्ता नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और व्यापारिक आवाजाही की भी लाइफलाइन है। मंडी से कुल्लू-मनाली और हिमालयी क्षेत्रों तक जरूरी सामान की सप्लाई इसी रूट से होती है। अब दो सुरंगों के खुलने से सफर की मुश्किलें कम होने और हाईवे की सुरक्षा व विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है।
हिमाचल के अहम रूट को मिलेगी नई ताकत, केंद्र ने जताई प्रतिबद्धता
केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुरक्षित और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दे रही है। इससे प्रदेश के व्यस्त और रणनीतिक यात्रा मार्गों पर आवाजाही आसान होने के साथ पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।



















