नई योजना के तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का प्रावधान प्रस्तावित है। यानी गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, नई व्यवस्था में पात्र परिवारों को बीमा कंपनी की निविदा प्रक्रिया के बाद तय होने वाला प्रीमियम खुद देना होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई योजना में प्रीमियम कितना तय होगा और इसका लाभ कितने परिवारों को मिलेगा? कैबिनेट के फैसले के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
हिमाचल में नई बीमा व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग ने योजना का पूरा प्रारूप तैयार कर लिया है। अब इसे मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद बीमा कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया के जरिए कंपनी का चयन किया जाएगा और इसके बाद करीब तीन महीने में नई बीमा योजना लागू होने की उम्मीद है। फिलहाल लाभार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नई व्यवस्था शुरू होने तक हिमकेयर के तहत इलाज की सुविधा जारी रहेगी।
3 से 5 हजार रुपये तक हो सकता है सालाना प्रीमियम
सरकार की प्रस्तावित योजना में स्वास्थ्य बीमा का जिम्मा बीमा कंपनियों को दिया जाएगा। निविदा प्रक्रिया के दौरान कंपनियां प्रति परिवार बीमा कवरेज की लागत बताएंगी। इसी के आधार पर प्रीमियम तय होगा, जो अनुमानतः 3,000 से 5,000 रुपये सालाना तक रह सकता है।
योजना में किन सदस्यों को मिलेगा लाभ?
राशन कार्ड के आधार पर परिवार को योजना में शामिल किया जाएगा। इसमें पति-पत्नी, बच्चे और परिवार पर आश्रित माता-पिता को कवर करने का प्रावधान है। हालांकि, माता-पिता तभी पात्र माने जाएंगे, जब वे परिवार पर निर्भर हों और किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य प्रतिपूर्ति या बीमा योजना का लाभ न ले रहे हों।
केयर का बढ़ेगा दायरा, 10 लाख तक कैशलेस इलाज की तैयारी
हिमकेयर योजना के मौजूदा प्रावधान के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलता है। अब सरकार कवर बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बीमा आधारित मॉडल पर भी काम किया जा रहा है और नवंबर से बदलाव की संभावना है।