नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(SC gets tough; final chance for Rajpal Yadav to deposit ₹2 crore) चेक बाउंस मामलों में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है, लेकिन अदालत ने उन्हें दो हफ्ते के भीतर ₹2 करोड़ जमा करने का आखिरी मौका दिया है। यह रकम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करनी होगी। साथ ही कोर्ट ने उनका पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने राजपाल यादव के पिछले रवैये पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने उनकी एक्टिंग का जिक्र करते हुए भरोसे को लेकर भी सख्त टिप्पणी की।
5 अक्टूबर को अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक राजपाल यादव को गिरफ्तारी से मिली राहत जारी रखी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि भुगतान की शर्त पूरी करना बेहद अहम है।
2010 में लिया था करीब ₹5 करोड़ का लोन
यह विवाद साल 2010 से जुड़ा है। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब ₹5 करोड़ की वित्तीय मदद ली थी। फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के बाद रकम चुकाने को लेकर विवाद बढ़ गया।
बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते भी हुए और चेक जारी किए गए, लेकिन कई चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।
2018 में दोषी ठहराए गए थे
ट्रायल कोर्ट ने 2018 में राजपाल यादव को सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराया था। बाद में सजा घटाकर प्रत्येक मामले में 3 महीने की साधारण कैद कर दी गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा था।
अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रकम जमा करने के लिए अंतिम दो हफ्ते दिए हैं। कोर्ट का अगला रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि तय शर्तों का पालन किया जाता है या नहीं।


















