अमृतसर। राजवीर दीक्षित
(Farmers’ rail roko ultimatum, government given time till 12 noon tomorrow) पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने सरकार को 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक किसानों और मजदूरों की मांगों पर ठोस कार्रवाई का समय दिया है। मांगें नहीं मानी गईं तो पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रेल रोको आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
कई जिलों में रेल यातायात रोकने की तैयारी
मोर्चे के नेताओं के मुताबिक, आंदोलन के अगले चरण में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत कई इलाकों में रेल यातायात प्रभावित करने की योजना है। इससे पहले किसान संगठन पंजाब के कई मंत्रियों के आवास और कार्यालयों के बाहर धरना दे रहे हैं।
सरकार से बातचीत की मांग
किसान नेताओं का कहना है कि करीब दो सप्ताह पहले सभी 22 जिलों में डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 14 सितंबर से मंत्रियों के आवासों के बाहर भी धरने शुरू किए गए। संगठन का आरोप है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांगों पर सार्थक बातचीत नहीं की है।
MSP समेत कई मांगें
किसान मजदूर मोर्चा पांच फसलों—बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू—की सरकारी खरीद MSP पर सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी, शंभू-खनौरी आंदोलन से जुड़े नुकसान का मुआवजा, नदी के पानी का मुद्दा, गिरते भूजल स्तर और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को लेकर भी संगठन ने मांगें रखी हैं।
लैंड पूलिंग और बिजली मीटरों का भी मुद्दा
मोर्चे की मांगों में लैंड पूलिंग नीति वापस लेना, भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों का समाधान, आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेना और प्रीपेड बिजली मीटरों से जुड़े फैसलों पर रोक जैसी मांगें भी शामिल हैं।
किसान नेताओं के अनुसार, 18 सितंबर को आंदोलन की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।














