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CGHS का दायरा बढ़ा: अब गोद ली हुई बहनें भी मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

CGHS का दायरा बढ़ा: अब गोद ली हुई बहनें भी मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के लाभार्थियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियमों में संशोधन करते हुए अब लाभार्थियों की ‘गोद ली हुई बहनों’ को भी इस योजना के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस विस्तार के बावजूद, लाभार्थियों के मासिक योगदान में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है।

क्या है नया बदलाव?

अब तक CGHS के तहत केवल आश्रित परिवार के सदस्यों को ही चिकित्सा सुविधा मिलती थी। नए आदेश के अनुसार, यदि किसी लाभार्थी ने कानूनी रूप से किसी बहन को गोद लिया है, तो वह भी अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पात्र मानी जाएगी। यह कदम उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।

योगदान में कोई वृद्धि नहीं

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस विस्तार के बाद भी CGHS के लिए कर्मचारियों द्वारा दिए जाने वाले मासिक अंशदान (Contribution) में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। वर्तमान में, वेतन बैंड के आधार पर निर्धारित शुल्क ही लागू रहेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है। परिवार की परिभाषा का विस्तार इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।’

योजना के मुख्य बिंदु

  • गोद ली हुई बहनें अब CGHS कार्ड के तहत स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगी।
  • योजना के मासिक योगदान की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • लाभार्थियों को अपने रिकॉर्ड में आवश्यक दस्तावेज अपडेट करने होंगे।
  • यह सुविधा उन सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगी जो वर्तमान में CGHS का लाभ उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक सरलीकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इससे न केवल लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, बल्कि परिवार के आश्रित सदस्यों को लेकर चल रही अस्पष्टता भी दूर होगी।

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